Skip to content
Home » Shayri » मंच संचालन हेतु ताली शायरी । महफ़िल में जान डालने वाली ताली शायरी। ताली शायरी

मंच संचालन हेतु ताली शायरी । महफ़िल में जान डालने वाली ताली शायरी। ताली शायरी

  • by
tali shayri in hindi, shayri for tali

1.

आसमान को बादलों का साथ चाहिए
धरती को फूलों का हार चाहिए
और मुझ जैसे एक छोटे से कलाकार को
आपकी तालियों का साथ चाहिए।
तो तालियों की गड़गड़ाहट से
इस महफ़िल में रंग जमाते है
और आने वाले next candidate का
मंच पे स्वागत करते है।

2.

खिलते है नए फूल बसंत ऋतु के साथ
और महफ़िल जमा करती है जब उठते है हाथ आपकी तालियों के साथ।

3.

गूंजती रहे तालियों की आवाज़ है
मिलता रहे मंच को आप सब का प्यार है
Candidates भी धमाल मचाने को तैयार है
क्यों न एक बार जोरदार तालियों के साथकरे इनका स्वागत बारंबार है।

4.

फीकी पड़ी महफ़िल को आपका साथ चाहिए
तालियों के साथ आप सबका प्यार चाहिए
जान तभी आएंगी महफ़िल में
तालियों की झंकारों से उठने 
वाले आपके हाथ चाहिए।

5.

रंग बिखेरते, थिरकते हुए कार्यक्रम की करे शरुआत है
खूबसूरत शाम का करते आगाज़, आप सबकी तालियों के साथ है।

6.

फूले ने नगमे बिखेरे,
सितारों ने महफ़िल लगायी है
आपकी तालियों की झंकारों ने
इस शाम की खूबसूरती में चार चांद लगाये है।

7.

उपवन की शोभा फूलों से होती है
दुल्हन की शोभा गहनों से होती है
और महफ़िलो की शोभा
Audience की तालियों से होती है।

8.

रंग बिखेरती किरणे है
आगोश में लिए सपने हज़ार है
इस प्रोग्राम में रंग बिखेरने
सितारों ने लगाया अपना दरबार है
बस इतना सा एतबार है
निवेदन बारंबार है
तालियों में न करे कंजूसी
इस महफ़िल को आपकी तालियों का अब इंतज़ार है।

9.

मस्तानी आज की शाम है
बिखेर रहे अपना अलग अलग अंदाज है
रंग जमाने आ रहे अब कलाकार है
तालियों के साथ करे इनका हौसला अफ़ज़ाई बारबार है।

Must Read:-

Anchoring Shayri in Hindi

Deep Prajjwalan Shayri
error: Content is protected !!