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पुरस्कार समारोह के लिए स्वागत भाषण | Award Ceremony Speech in Hindi

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Award Ceremony Bhashan in Hindi

प्रयास से बनता विश्वास, विश्वास से जुडते कामयाबी के तार और इसी कामयाबी से इंसान में होता काबिलियत का आगाज़ है।

माननीय प्रधानाचार्य जी, समस्त शिक्षकगण और मेरे समस्त सहपाठियों। 2022-23 के पुरस्कार वितरण समोराह में पधारे गए महानुभव का सादर अभिनंदन करती हूं और जीतने वाले प्रतिभागियों के हौसले और हिम्मत की दाद देती हूं।

आज इस दिन की सबको हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं और इस गौरवशाली दिन पे अपनी बात रखने के लिए और मुझे मंच प्रदान करने के लिए तहदिल से आपका शुक्रिया करती हूं।

मंज़िल तक पहुँचना हर किसी का ख्वाब होता है
पर अधूरे ख्वाबो का एक आसमान भी होता है
जहाँ हमारी मेहनत का कोई मोल नही होता है
क्योंकि बिना सफ़लता कोई चिट्टा आम नही होता है
कौन पूछता है फटे पुराने लिबासो को
यहां तो सिकंदर वोही होता है जो बाजी जीत जाता है।

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जी हां ऐसे ही सिकंदर जिनकी मेहनत और जिनका निरंतर प्रयास आज हमारे विद्यालय के प्रांगण को गौरवविन्त कर रहा है और नयी प्रेरणा बनकर विद्यार्थियों में नयी उर्जा का संचार कर रहा है और पुरस्कार वितरण समोराह में चार चांद लगा रहा है और वो ही जीत का जज़्बा और आगे बढ़ने का संकल्प को और दृढ़ बना रहा है।

आज का दिन हमारे विद्यालय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज परिणामो की घोषणा है । पुरस्कार वितरण समोराह पूरे वर्ष का लेखा जोखा और प्रतिभाओ को और निखारने के लिए उन्हें नही राह दिखाने का दिन है और उत्कृष्ट भविष्य की कामना करने का दिवस है।

जिस दिन से इस विद्यालय की नींव रखी गयी थी तब से ही शिक्षा का बेहतरीन संचार और व्यावाहारिक परीक्षण का सामंजस्य और अन्य कलाओं को ध्यान में रखा गया है और स्पोर्ट्स को तो विशेष महत्व दिया गया है। ताकि बच्चे जिस क्षेत्र में भी अपनी कला को निखारना चाहिए वो उसमे जा सकते है। इतना ही नही गुरु के सानिध्य में ज्ञान का निरंतर और सतत विकास भी करता रहा है ताकि यहाँ के विद्यार्थी सक्षम नागरिक बन के उभरे। इसलिए यह विद्यालय एक शिक्षित समाज की नींव रखने की पाठशाला है।

में तो इतना ही कहूँगी
हम तो कोरे कागज थे, किनारा आप ने दिखाया
हर एक फूल को पल्वित आपने बनाया
यह सिर्फ पाठशाला नही शिक्षा का मंदिर है
यहाँ हर एक फूल का अपना अलग ही अस्तित्व है।

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में उन विद्यार्थियों से जिन्हें आज पुरस्कार वितरण समोराह में पुरस्कार न मिला, वो अपना धैर्य बिल्कुल न खोये और ऐसे ही प्रत्यनशील रहे और जिन्हें आज पुरुस्कार मिला उन्हें ढेर सारी बधाइयां, उनके माता पिता को भी बहुत बहुत शुभकामनाएं क्योंकि प्रयास भी तारीफ ए काबिल है और विद्यालय ऐसे ही प्रगति की नई ऊचाई को छूता रहे बस यहीं दुआ करता हु और चार पंक्तिया से अपनी वाणी को विराम देती हूं।

जिंदगी एक चाह है
हर चाह की एक राह है
हर राह का एक उद्देश्य है
हर उद्देश्य की एक मंज़िल है
हर मंज़िल के पीछे छिपी कामयाबी है
हर कामयाबी के छिपी है
वो है बस मेहनत।