Home » Father Day Poem in Hindi

Father Day Poem in Hindi

Father Day Kavita in Hindi

Father Day Poem in Hindi, father day kavita in hindi poem on fathers day in hindi, hindi poem on papa, papa par kavita
Father Day Poem in Hindi


एक बात आज में कहता हूं
मेरे पापा है सुपरस्टार दुनिया को यह बताता हूं।

खुद को कितना भी दर्द हो कुछ न कहते है
मुझे छोटी सी खरोच आ जाये तो वो रो पड़ते है
मेरे जन्मदिन पे सबसे ज्यादा खुश वो होते है
मेरे लिए ढेर सारे उपहार वोही तो लाते है।

सुबह बस तक मुझे स्कूल छोड़ते है
आफिस से आते ही मेरे बारे में पूछते है
मुझे खुश देखकर ही वो चैन की नींद सोते है
मेरे सोने के बाद भी कितनी बार उठकर मुझे कंबल ओढते है।

एक छोटी सी भी ज़िद वो पूरी करते है
ममी अगर डाट दे तो अकेले में चुप करते है
में उदास होता हु तो वो भी बच्चे बन जाते है
मेरी मिमिक्री कर मुझे हँसाते है।

प्यार आपसे बहुत में करता हु
आप हमेशा खुश रहो यही दुआ करता हु
जितना भी बड़ा हो जाऊ आपके लिए  बच्चा ही रहूंगा
आपको जन्मदिन पे आज यही खूबसूरत तोहफा देता हूं।

2. Poem on Father’s Day in Hindi

अनोखे अद्धभुत शख्स का आज करते हम उज्ज्वल गान है
बेटी की और से उनको शुभकामनाए हज़ार है
आपके चरणो में नतमस्तक होकर जन्नत का दर्शन करना हम चाहते है
आपके लिए खुदा से लाखो दुआ आज हम करते है। 
जन्नत का ताज कहु या खुशियों का सिरताज कहु
खुशिया से उज्जवलित दीप कहु  या करुणा का स्त्रोत्र कहु 
मानवता से परिलक्षित चट्टान कहु या मानवता का पुजारी कहु
प्यार और अपनेपन की ज्योति कहु  या सूरज की लालिमा कहु। 
संस्कारो से मिश्रित आभा कहु या इंसानियत से गढित कलश कहु
दीन दुखियो का सहारा कहु या खुशियों का नज़ारा कहु
सत्य से झंकृत चेतना कहु या राष्ट् का सेवक कहु
खुदा का अवतार कहु या खुदा कहु। 
क्या कहु पापा आपको लफ़्ज़ों में कहा आप समा पाओगे
अपने अंदर बसे उस खुदा को केसे आप पहचान पाओगे
पाया जो कुछ हमने आपसे कभी ना भूल पायगे हम
जायगे जहा कही भी हर वक़्त आपको अपने करीब ही पायेगे। 

3.पापा पर कविता हिंदी में | Poem on Father in Hindi Language

पापा मेरे पापा
यह दो लफ्ज़ ही काफी है
हमारी ख्वाइश को पूरा करने के लिए
हा सही सुना
आज फादर्स डे है पर मेरे लिए तो हर
रोज़ ही पापा ने स्पेशल बनाया है
एक फ़रिश्ता जो खुद परमात्मा ने भेजा है
एक रिश्ता जो उससे ऐसे जुड़ा है
क्या तारीफ करू उसकी जो मेरे लिए अनमोल है
मेरे सपनों को अपना समझकर जो उसमे जुट जाता है
पापा मेरे पापा
हा कभी बन जाता वो प्यारा सा दोस्त
कभी तो वो हानिकारक बापू है
कभी प्यार से तो कभी डाट कर
बना रहा मुझे मजबूत है
वो कौन है
पापा मेरे पापा
हर शाम वो मेरे लिए नए सपने संजोता है
और सुबह होते ही उसमे जुट जाता है
वो सुबह की अलार्म है
और मेरे चेहरे की मुस्कान है
कौन
पापा मेरे पापा
आप दंगल के बापू के रोल अदा करते हो
तो में भी गीता बबिता से कम नही
आपके सपने मेरे सपने
और हम अपने सपने जरूर पूरा करेंगे
है ना पापा i love you
चंदा ने पूछा तारो से, तारो ने पूछा हज़ारो से
सबसे प्यारा कौन है
पापा मेरे पापा
Papa papa papa
Yeh do labz hi kaafi hai
Humari khawisho ko pura karne ke liye
Ha sahi suna
Aaj father’s day hai par mere liye to har roz hi papa ne special banaya hai
Ek farista jo khud parmatma ne bheja hai
Ek rishta jo usse aisa juda hai,
Kya tarif karu uski jo mere liye anmol hai,
Mere sapno ko apna samajkar jo usme juta hai
Aa
Papa mere papa
Ha kabhi ban jata woh pyara sa dost
kabhi to woh hanikarak bapu hai,
Kabhi pyar se to kabhi daat kar,
Bana raha mujhe majboot hai.
Woh kaun aaaaahai
Papa mere papa
Har sham woh mere liye naye sapne sanjote hai,
Aur subah hote hi usme jut jate hai,
Woh subah ki alarm hai,
Aur mere chehre ki muskan hai
Kaun
Papa mere papa
Aap dangal ke bapu ka role ada kar rahe ho,
To me bhi geeta babita se kam nahi,
Apke sapne mere sapne hai,
Aur hum apne sapne jarur pura karenge
Hai na papa I love u
Chanda ne pucha taro se taron ne pucha hazaro se sabse acha con hai papa mere papa

Written By Dimple Bhandari

Mumbai 

3 thoughts on “Father Day Poem in Hindi”

  1. Pingback: Poem on Grandfather in Hindi - NR HINDI SECRET DIARY

  2. Pingback: Poem for Mother in Law - NR HINDI SECRET DIARY

  3. Pingback: Nari shakti kavita-नारी तू महान - NR HINDI SECRET DIARY

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *