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Romantic Love Poem in Hindi

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Romantic Love Poem in Hindi,Love Poem for Boyfriend/Girlfriend
Romantic Love Poem in Hindi

1.Love Poem in Hindi for Boyfriend/Girlfriend

समुद्र की नॅफ्ज़ में प्यार का दीदार देखा है

एक अरसे बाद दिल को धड़कते हुए  देखा है
रंजाइश थी जमानो से, आज पूरी हुई मुराद है 
ख्वाशियो के आँगन में रात को ढलते हुए  देखा है
खूबसूरत सा ख्वाब आँखो में बसाए है 
पँखो ने भर ली आज उड़ान है
आज फिर सीने में हलचल मची है 
किसी की प्यार के लिए बेकरार है
एक अलग सा एहसास है
आँखो में छा रही मुस्कुराहट है
प्यार के नगमे बिखरे है 
दिलकश मेरे साजन का अंदाज़ है
चाहत हो या जिंदगी हो मेरी
तुम से ही  मेरा संसार है 
हर पल तुम्हारे लिए बेकरार
तुम से कितना मुझे प्यार है……………………..

2. Love Poem for Husband/Wife

चांदनी बिखेर रही प्रकाश है
कोई ले रहा साँसे है
एक अजीब सा एहसास है
शायद इसी का नाम प्यार है 💕
पिघलती हुई रेत है
ढल रही शाम है
एक अजीब सा एहसास है
शायद इसी का नाम प्यार है 💕
धड़क रहे है अंगारे है
जल रही आग है
एक अजीब सा एहसास है
शायद इसी का नाम प्यार है 💕
शरमा रहा चाँद है
बादलों की बीछी सेज है
एक अजीब सा एहसास है
शायद इसी का नाम प्यार है 💕
वक़्त ले रहा अंगड़ाई है
बाहो में फिर लिपटी यह रात है
एक अजीब सा एहसास है
शायद इसी का नाम प्यार है 💕
❤️

3. Sad Love Poem

हक़ीक़त की हसरत                       
जिंदगी हसरत है जहा लोग मिलते है और बिछूड़ जाते है
यादो के आईने में अपनी याद छोड़ जाते है
दोस्त बनाकर जख्म हज़ार वो दे जाते है
विश्वास दिलाकर सपने सारे तोड़ वो जाते है
सपने दिखाकर छोड़ दिया मझधार में
अपना बनाकर जोड़ दिया रिश्तो की दरकरार से
हमारे प्यार का यह आगाज़ लिखा उसने दुखो की ललकार से
हमारे स्वाभिमान का किया अपमान अपने दौलत के ईमान से
पल भर में तोड़ दिया जन्मो के वो अटूट बंधन
गम के सुरीले रेगिस्तान से किया खुशिया का उलंघन
वक़्त की तहज़ीब पर विश्वास का किया अनादर
विश्वास का यह तोहफा मिला हमे उनकी कयामत की डोर से
हसरत के मैदान में जिंदगी को दम तोड़ते हुए देखा है
प्यार में बह जाने वालो को नफ़रत की ज्वाला में जलते हुए देखा है
हर सुबह हर शाम हर वक़्त विश्वास को मरते देखा है
अंधविश्वास की झोली में तक़दीर को उज़ड़ते हुए देखा है
वक़्त की तहज़ीबे पे संभलकर चलना मेरे दोस्त
हसरत की इस दुनिया में जालिम से ना करना तुम इकरार
खुशिया के इस दीप को मत बदल देना तुम मातम के मौहाल में
अंधविश्वास की डोरिया में झूल कर खुद को ना सौप देना तुम सौदेगर के हाथ में।

4.Best Love Poem| True love Poem in Hindi

क्यों चोट लगती है
क्यों दिल रोता है
ख़ामोशी आँखों से
फिर आहे लेता है। 

क्यों उम्मीद लगाता है
क्यों प्यार करता है
नफरत की दीवारों से
फिर आहे लेता है। 

क्यों सपने देखता है
क्यों फरमाइश करता है
स्वार्थ के एहसास से
फिर आहे लेता है। 
प्यार हर रिश्ते से ऊपर है
प्यार हर स्वार्थ से ऊपर है
इसके लिए जाये तो जिंदिगी कम पढ जाये
यह एक बेशकीमती उपहार है। 

5. Love Poem in English



Love Poem, Romantic Love Poem
Love Poem



I always remember that day                           

       When u first hold my hand…              
My heart poured by love
       So the amazing feeling i  have…
Nevertheless walking alone on breezes
      Sweet company throughout my life…..
Sun is shining sky smiling
      Beautiful evening that day….
Many questions crumbling my mind
    Many assumptions tracking inside my heart
My all dreams fulfills
    On having you on my side….
U r my breathe…
      U r my heartbeat….
U r my destiny…
      U r my life….

Hindi kavita on Mohabbat | Heart Touching lines on Love

तेरी परछाई हु में
तेरी ही बाहों में आहे भरती हु में

तेरे ख्वाबो का परिंदा हु में
तेरे ही आगे सर झुकाती हु में

तेरे रास्ते की हर मंज़िल हु में
तेरे किस्मत की लकीर हु में
ऐ मेरी जिंदिगी
तेरी तक़दीर हु में

दीप जलाये है मैंने
सजी हु तेरे लिए
नगमे बिखेर हज़ार
सवरी हु तेरे लिए

तेरी बाहों का गुलज़ार मिल जाए
ऐ मेरे सनम तेरा प्यार मिल जाए
तेरी हलकी सी मुस्कराहट मिल जाए
पूरी जिंदिगी तेरा साथ मिल जाए

तुझसे प्यार कितना यह बतलाये कैसे
ऐ जिंदिगी तुझे ग़स्ले लगाए कैसे
करीब तुम आते हो तो झुक जाती यह पलकें है
फिर लफज़ो में प्यार को बया करे कैसे

एक रात क्या नाराज़ हुए
पूरी दुनिया विरान हुए
वो ऐसा घुट पीकर
हम फिर बीमार हुए

दुनिया की नयी फ़िक्र है
यह कब किसी की हुई है
साथ बैठकर हसती
पीठ पीछे रोयी है

इतना ही कहना है
मेरे प्यार का इम्तहान मत लेना
कभी कुछ बिगड़ भी जाये
तो मुझसे सवाल मत करना

गिला भी है शिकवा भी है
फिर रजामंदी भी है
प्यार की कस्ती भी ऐसी है
मझधार है तो किनारा भी है।

फिर भी यह जिंदिगी जीती है मोहब्बत के नाम

क्युकी मोहब्बत से बड़ी कोई इबादत नहीं होती

और इससे प्यारी कोई जंजीर नहीं होती।

साये की तरह होती है मोहब्बत
हर रात मोम की तरह पिघलती है मोहब्बत
वक़्त की रेत पर पैर पसारती है मोहब्बत
उजाले की पहली किरण के साथ सिमट जाती है मोहब्बत
जवान दिलो की धड़कन होती है मोहब्बत
बुजर्गो की जीने की तमना होती है मोहब्बत
सबनम की तरह मोती बिखेरती है मोहब्बत
फूलो की खुशबू  से महकती है मोहब्बत
शिकवा शिकायत का आलम सजाती है मोहब्बत
मन और दिमाग की जंग लड़ती है मोहब्बत
हार जाता दिमाग पर न हार पाती है मोहब्बत
फिर गले लगाकर इतिहास रचाती है मोहब्बत।

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