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Dada Dadi Par Kavita | Grandparents Day Poem in Hindi | Poetry on Dada Dadi

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डाली है हम सब आपके
आपने बड़े प्यार से हमे सींचा है
आपकी छत्र छाया में पलकर ही बनी यह सुंदर बगिया है।

आपसे महकता यह प्यार भरा उपवन है
सुबह की चाय, शाम की थकान को कर देते आप कम हो
जब भी रूठती हु, दादी मुझे प्यार से मनाती है
और ममी की डांट से मुझे बचाती हु
और रात को कहानियां सुनाकर मुझे बड़े प्यार से सुलाती हो,
और दादा की उंगली थाम हम यूं इठलाते है
और सारी wish दादा ही पूरी करते है
और ढेर सारे तोहफे लाते है।
इनकी सिख दुनिया की सबसे बड़ी सिख है
होती इनके पास हर ताली की चाबी हैं
इनका ज्ञान समुंद्र के समान असीम है
और इनके गोदी में मिलता अलग ही सुकून है।

दादा दादी वो फूल है जो हर बाग में नही खिलते
वो हमारी खुशनसीबी ही है, जो हम इनको छत्र छाया में पलते है।

Anniversary Wishes for Dada Dadi | Dada Dadi ki Salgirah pe Kavita

खुशीया नगमे बिखेर रही है
दबे दबे पावों से कुछ कह रही है
दिन है आज कोई खास
मेरे दादा दादी की सालगिरह है
दिल से बधाईयां आपको देते है
और अपनी पंक्तियां में आपका जिक्र करते है।
दादा दादी डाली है हम सब आपके
आपने हमे बड़े प्यार से सींचा है
आपकी छत्र छाया में पलकर ही
बनी यह सुंदर बगिया है।
आसमान में जितने भी चांद सितारे है
उतनी उमर आपकी हो
खुशिया आपके नगमे सुनाती रहे दादा दादी ,
बस यही दुआ हमारी हो।

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