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poem on Gravity in Hindi/Gravity kya hai

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 एक एप्पल पेड़ से गिरा

और बालक के सर पे लग गया

बालक थोड़ा सा हताश हो गया

सिर पे हल्की सी चोट से वो उदास हो गया

वो सोच के समुन्द्र में डूब गया

और गहरी नींद में सो गया।


जब वह उठा थोड़ा शांत हुआ

विचारो के प्रवाह से वो अशांत हुआ

यह एप्पल नीचे ही क्यों गिरी

यह ऊपर आसमान की तरफ क्यों नही गयी

यह सोचते सोचते कितनी ही शाम निकल गयी

सबसे पूछा पर कोई सटीक हल न दे पाया।


फिर उसने कुछ वस्तु ली

और हर वस्तु आसमान की तरफ उछाली

पर वो जितनी तेज़ी से ऊपर फेंकता

उतनी तेजी से वो वस्तु नीचे चली आती

उसने गेंद ली और उसे तेजी से फेंका

पर उतनी ही तेजी से वो भी नीचे चली आयी।


समाधान उसके प्रश्नों में, धरती में कुछ तो है

जो हर चीज़ खींचे अपनी और

आखिर क्या है यहाँ

क्या धरती वस्तु को आकर्षित करती है

जो हर वस्तु उसकी और बढ़ती चली आती है

और उसकी सतह पे आके रुक जाता है।


अच्छा Sir Isaac Newton  आखिर निकाल लिया इसका हल

धरती में है ग्रेविटी का बल

जो वस्तु को पहुचाता सतह पर

न रहने देता उसे आसमान की ऊंचाइयों पर

It means that Earth has gravity

The bar to pull everything down

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