Anchoring script for basant panchami in hindi|basant panchami quotes in hindi|Basant Panchmi poem in Hindi

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हवाओं में एक अलग ही महक है, क्या प्रकृति भर रही इसमें रंग हैबहारों में एक अलग ही चहल पहल हैक्या मुस्कुरा कर आने वाला… Read More »Anchoring script for basant panchami in hindi|basant panchami quotes in hindi|Basant Panchmi poem in Hindi

जैन गुरु चरणों में वंदन कविता| Jain Guru pe Kavita| Poem on Jain Sant|जैन मुनि पर कविता

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चित्रण क्या करूँ उनका जिसका जीवन खुद एक विश्लेषण हैलाखों की भीड़ में बने वो पथ प्रदशक हैसंयम रूपी आभूषण से जिसने अपनी आत्मा को… Read More »जैन गुरु चरणों में वंदन कविता| Jain Guru pe Kavita| Poem on Jain Sant|जैन मुनि पर कविता

15 अगस्त स्वंत्रता दिवस पर मंच संचालन स्क्रिप्ट| Anchoring Script for Independence Day in Hindi| Republic Day Anchoring Script in Hindi

कार्यक्रम start होने से पहले हम खास अथिति का इंतज़ार करते है जिसके आने के बाद ही कार्यक्रम का आगाज़ होता हैतो हम जब तक… Read More »15 अगस्त स्वंत्रता दिवस पर मंच संचालन स्क्रिप्ट| Anchoring Script for Independence Day in Hindi| Republic Day Anchoring Script in Hindi

Speech on samvatsari in hindi| पर्युषण पर्व पर हिंदी स्पीच| Slogans on Samvatsari

एक से बड़े रत्नों का जिसमे समाया सार हैचार खंड के अधिपति ने भी समझा जिसका सार हैछोड़ के धन संपत्ति, छोड़ दिया जिसने मायाजाल… Read More »Speech on samvatsari in hindi| पर्युषण पर्व पर हिंदी स्पीच| Slogans on Samvatsari

स्वागत शायरी इन हिंदी फॉर एंकरिंग|Deep Prajjwalan Shayri|मंच संचालन स्वागत शायरी

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एक दिव्य प्रकाश का दिव्य हाथों हुआ पदार्पण हैज्योत से ज्योत सजी, सज गया विद्यालय का प्रांगण हैझिलमिल सितारे सारे करते आपको वंदन हैपधारे गए… Read More »स्वागत शायरी इन हिंदी फॉर एंकरिंग|Deep Prajjwalan Shayri|मंच संचालन स्वागत शायरी

Children’s Day Script in Hindi|बाल दिवस के लिए कविता और स्पीच|Poem for Children’s Day in Hindi

आकाश से सिमटकर, हवाओ से लिपटकर, खुशियों का कारवां लेकर इतने सारे सितारे किस और बढ़े जा रहे है, किस महफ़िल में अपनी रोशनी बिखेरने… Read More »Children’s Day Script in Hindi|बाल दिवस के लिए कविता और स्पीच|Poem for Children’s Day in Hindi

जैन तपस्या / जैन तप पर शायरी

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हमारे पिछले कर्मो का ही फल है कि हमे मनुष्य भव मिला और जैन धर्म मिला और गुरुजनों का सानिध्य मिला और जिनवाणी सुनने का… Read More »जैन तपस्या / जैन तप पर शायरी

दीक्षा पे संवाद | Play for Jain Diksha | Diksha pe kavita

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पांचला की धरा पे जन्म हुआ एक अबोध बालिका कापारख कुल का खिला उपवन महके सारे सुमनखुशियों के दीप जले, हर्षित हुआ कण कणरोशनी का… Read More »दीक्षा पे संवाद | Play for Jain Diksha | Diksha pe kavita

जैन दिक्षा / संयम पर बनाई हुई हिंदी कविता

1.Poem on Diksha in Hindi दीप प्रज्ज्वलित हुए, हुआ नया सवेरा हैपारख कुल का प्रांगण रोशनी से हुआ उजियारा हैझिलमिल सितारे सारे करते आपको वंदन… Read More »जैन दिक्षा / संयम पर बनाई हुई हिंदी कविता