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Best Motivational Poem on Success-क्यों फिरते हो तुम डगर डगर

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Best Motivational Poem on Success-क्यों फिरते हो तुम डगर डगर
क्यों फिरते हो तुम डगर डगर 
क्यों न तुम कुछ करते हो 
सपनो का महल बनाकर 
अंगड़ाई तुम लेते हो। 
 
अरमान तुम्हारे ऊँचे ऊँचे 
पर तुम क्यों ठहरे हो 
मंज़िल अभी बहुत दूर 
पथिक हिम्मत तुम क्यों हारे हो 
 
आलस का करो तुम त्याग त्याग 
क्यों न मेहनत तुम करते हो 
विपदाओं को देखकर 
कोशिश करने से तुम डरते हो। 
 
सफ़लता को पहनाओ तुम हार हार 
अब तुम क्यों पीछे हटते हो 
मंज़िल तक पहुंचकर 
अपनी किस्मत से अब तुम क्यों लड़ते हो। 
 
मंज़िल देख रही तुम्हारी राह राह 
अब तुम क्यों चुप बैठे हो 
जीत का सेहरा पहनकर 
अश्को से ख़ुशी बहाते हो। 
 

क्यों फिरते हो तुम डगर डगर 
क्यों न तुम कुछ करते हो 
सपनो का महल बनाकर 
अंगड़ाई तुम लेते हो।

 

2. Best Inspirational Poem on Success| Motivational Poem for Youth | Short Inspirational Poem

कुछ पाना है कुछ कर दिखाना है
इस दुनिया में अपना नाम कमाना है
बहुत से सपने है दिल में और बहुत से अरमाँ
बहुत कुछ करना है इस छोटी सी जिंदगी में
आसमा को छूना है मंज़िल को पाना है
हौसले से अपने कदम मंज़िल की और बढाना है
मंज़िल मिलेगी मुझे पूरा यह ऐतबार है
खुद पे ही नहीं खुदा पर विश्वास है
मेहनत और लगन यह जिन्दगी के दो पहलु
इससे हम अपना भविष्य उज्जवल बनायगे
             और
एक दिन खुद पे नाज़ करेगे
और दुनिया पे राज़ करेगे ।

3.Inspirational Poem about Life| Inspiration       From Husband/Wife| Short Inspiring Poem

चाहा था जिंदगी में जिसे हर चीज़ से बढ़कर 
उसी ने रुला दिया एक छोटी सी बात कहकर पर

उसी बात में छिपा था मेरी जिंदगी का अस्तित्व 
और उसी राह से गुज़रता था मेरी जिंदगी का सफ़र 
उसकी बात दिल को छू गयी ‘ ———‘
और मेरी जिंदगी आसमा को छू गयी 
सफल होना इतना आसान नहीं था पर उसकी उस बात ने जैसे नए रास्तें दिखा दिए 
काँटों से बचकर निकलना इतना आसान नहीं था पर उसकी उस बात ने काँटो में ही फूल खिला दिए 
हौसला जगा दिल में मंज़िल सामने खड़ी थी 
पर विघ्न के बादलों को देख में डरी थी 
पीछे देखना मेरी आदत नहीं थी
            और 
मेरी हिम्मत भी कम नहीं थी 
बढ़ाये पैर मंज़िल की और 
धक धक कर रहा था मेरा दिल 
मेरा आत्मविश्वास और मेरे बढ़ते हुए कदम मेरी सफ़लता के चिन्ह थे 
           और 
मंज़िल भी मेरे सामने मुस्कुरा कर मेरा स्वागत कर रही थी। 

 

 

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